झारखंड
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सरकारी जमीन पर गरजा बुलडोजर, कटकमदाग प्रशासन की बड़ी कार्रवाई; भू-माफियाओं में मचा हड़कंप
नोटिस के बाद भी नहीं हटाया कब्जा, प्रशासन ने बुलडोजर चलाकर कराया अतिक्रमण मुक्त; CO बोले—अब किसी को नहीं मिलेगी बख्शिश
हजारीबाग | जन दृष्टि न्यूज़ 24
सरकारी जमीन पर अवैध कब्जा करने वालों के खिलाफ हजारीबाग के कटकमदाग प्रशासन ने बड़ी और सख्त कार्रवाई करते हुए बुलडोजर चलाकर सरकारी भूमि को अतिक्रमणमुक्त करा दिया। अंचलाधिकारी सत्येंद्र नारायण पासवान के नेतृत्व में चली इस कार्रवाई के बाद पूरे इलाके में भू-माफियाओं और अवैध कब्जाधारियों में हड़कंप मच गया है। प्रशासन की इस कार्रवाई को स्थानीय लोगों ने कानून के राज की दिशा में एक मजबूत कदम बताया है।
जानकारी के अनुसार, कटकमदाग अंचल क्षेत्र के सुल्ताना मौजा, थाना संख्या-91, गैर मजरूआ खास खाता संख्या-112, प्लॉट संख्या-1789 की सरकारी भूमि पर लंबे समय से अवैध कब्जा किया गया था। मामले की शिकायत मिलने के बाद अंचल प्रशासन ने जांच कराई और संबंधित लोगों को कई बार नोटिस जारी कर कब्जा हटाने तथा अपना पक्ष रखने का अवसर दिया। बावजूद इसके अतिक्रमण नहीं हटाया गया।
इसके बाद उपायुक्त हेमंत सती के निर्देश पर प्रशासन ने बुलडोजर के साथ अभियान चलाया और सरकारी भूमि पर बने अवैध निर्माणों को हटाकर जमीन को कब्जामुक्त करा लिया। कार्रवाई के दौरान प्रशासनिक अधिकारियों और पुलिस बल की मौजूदगी में पूरे अभियान को शांतिपूर्ण एवं विधिसम्मत तरीके से संपन्न कराया गया।
अंचलाधिकारी सत्येंद्र नारायण पासवान ने स्पष्ट कहा कि सरकारी जमीन पर किसी भी तरह का अवैध कब्जा किसी भी कीमत पर बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। उन्होंने चेतावनी देते हुए कहा कि जिन लोगों ने सरकारी भूमि पर अतिक्रमण कर रखा है, वे स्वयं कब्जा हटा लें, अन्यथा उनके खिलाफ भी इसी तरह बुलडोजर कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने यह भी कहा कि सरकारी भूमि को अतिक्रमणमुक्त कराने का अभियान आगे भी लगातार जारी रहेगा और कानून से किसी भी स्तर पर समझौता नहीं किया जाएगा।
इस कार्रवाई के बाद पूरे क्षेत्र में यह संदेश गया है कि प्रशासन अब सरकारी संपत्तियों की सुरक्षा को लेकर पूरी तरह गंभीर है। स्थानीय नागरिकों ने भी प्रशासन की इस पहल का स्वागत करते हुए कहा कि यदि ऐसे अभियान लगातार चलते रहे तो सरकारी जमीनों पर अवैध कब्जे पर प्रभावी रोक लगेगी और विकास कार्यों के लिए भूमि उपलब्ध हो सकेगी।
प्रशासन का स्पष्ट संदेश है कि सरकारी जमीन जनता की संपत्ति है और उस पर अवैध कब्जा किसी भी हाल में स्वीकार नहीं किया जाएगा। नोटिस के बावजूद कब्जा नहीं हटाने वालों के खिलाफ आगे भी इसी तरह सख्त कार्रवाई जारी रहेगी।