ब्रेकिंग
आदिवासी नर्स के मामले में 10 दिन बाद FIR, अभिषेक कुमार की पहल के बाद हुई कार्रवाई वार्ड 08-09 में करोड़ों की विकास योजनाओं को मिली रफ्तार, विधायक प्रदीप प्रसाद ने किया शिलान्यास विधायक प्रदीप प्रसाद की पहल लाई रंग, जर्जर ग्रामीण सड़कों के गड्ढे भरने का काम शुरू 24 घंटे बाद NDRF ने खोज निकाला टिंकू का शव, शिवानी नदी में बहने से हुई थी मौत हजारीबाग सदर अस्पताल में ट्रैफिक व्यवस्था बेपटरी, आधे घंटे तक जाम में फंसी एंबुलेंस हजारीबाग में छिनतई गिरोह का पर्दाफाश, 8 आरोपी गिरफ्तार; सोने के आभूषण और वारदात में प्रयुक्त बाइक बरामद बच्चों से भरी स्कूल बस सड़क से उतरी, बाउंड्री से टकराकर पलटने से बची खास महल की जमीन पर चला बुलडोजर, लिट्टी दरबार के पास अवैध होटल ध्वस्त
झारखंड ⚡ BREAKING

24 घंटे बाद NDRF ने खोज निकाला टिंकू का शव, शिवानी नदी में बहने से हुई थी मौत

Ravindr kumar rana 03 Sep 2026, 12:21 PM 24 views
नगमा पुल के पास हादसे से मचा हड़कंप, शेख भिखारी मेडिकल कॉलेज में पोस्टमार्टम; डेंजर जोन में चेतावनी बोर्ड लगाने की उठी मांग
हजारीबाग। नगमा स्थित शिवानी नदी में बहने से बंगा निवासी टिंकू कुमार मेहता की मौत हो गई। हादसे के बाद शव की तलाश के लिए NDRF की टीम ने सर्च ऑपरेशन चलाया। करीब 24 घंटे की कड़ी खोजबीन के बाद टीम ने टिंकू का शव बरामद किया। शव बरामद होने के बाद उसे पोस्टमार्टम के लिए हजारीबाग स्थित शेख भिखारी मेडिकल कॉलेज एवं अस्पताल लाया गया। घटना की जानकारी मिलने के बाद नगर परिषद अध्यक्ष उमेश प्रसाद मेहता भी मौके पर मौजूद रहे। उन्होंने घटना पर चिंता जताते हुए जिला प्रशासन और जिला परिषद से जिले के सभी डेंजर जोन वाले नदी, झरना एवं जलस्रोत क्षेत्रों में चेतावनी बोर्ड लगाने की मांग की। उनका कहना है कि संवेदनशील स्थानों पर पहले से सुरक्षा और सावधानी के इंतजाम किए जाएं, ताकि ऐसे हादसों को रोका जा सके। चमेली झरना हादसे के बाद फिर उठा सुरक्षा पर सवाल शिवानी नदी की यह घटना जिले में पहले हुए चमेली झरना हादसे की याद भी ताजा कर रही है, जहां छह बच्चों की मौत ने पूरे क्षेत्र को झकझोर दिया था। इसके बाद भी नदी और झरना क्षेत्रों में सुरक्षा व्यवस्था को लेकर सवाल उठते रहे हैं। अब नगमा पुल के पास शिवानी नदी में टिंकू की मौत ने एक बार फिर प्रशासन के सामने बड़ा सवाल खड़ा कर दिया है—क्या हादसे के बाद राहत-बचाव अभियान से पहले खतरनाक स्थानों पर सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम नहीं होने चाहिए? बारिश के मौसम में नदी-नालों और झरनों का जलस्तर तेजी से बढ़ता है। ऐसे में चेतावनी बोर्ड, खतरे के निशान, बैरिकेडिंग और निगरानी व्यवस्था जैसे कदम हादसों को रोकने में अहम साबित हो सकते हैं। टिंकू की मौत के बाद अब स्थानीय लोगों की मांग है कि प्रशासन जिले के सभी संवेदनशील जलस्रोतों का सर्वे कराकर उन्हें डेंजर जोन के रूप में चिन्हित करे और वहां तत्काल सुरक्षा व्यवस्था सुनिश्चित करे।