झारखंड
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नशा मुक्त झारखंड के संकल्प को लेकर स्कूलों में जागरूकता अभियान, छात्रों को बताए गए नशे के दुष्परिणाम
हजारीबाग पुलिस की पहल: डायल-112, पॉक्सो एक्ट और नशा मुक्ति पर बच्चों को किया गया जागरूक
हजारीबाग। पुलिस अधीक्षक हजारीबाग के निर्देश पर झारखंड सरकार द्वारा संचालित "नशा मुक्त राज्य हो हमारा" अभियान के तहत जिले के विभिन्न सरकारी विद्यालयों में जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किए गए। इस दौरान सदर थाना एवं चौपारण थाना के थाना प्रभारियों के नेतृत्व में छात्रों को नशे के दुष्प्रभावों, कानूनी प्रावधानों और सामाजिक नुकसान के बारे में विस्तार से जानकारी दी गई।
कार्यक्रम में विद्यार्थियों को बताया गया कि मादक पदार्थों का सेवन न केवल स्वास्थ्य के लिए घातक है, बल्कि यह व्यक्ति, परिवार और समाज के भविष्य को भी प्रभावित करता है। पुलिस अधिकारियों ने बच्चों से नशे से दूर रहने तथा अपने आसपास होने वाली संदिग्ध गतिविधियों की सूचना तत्काल पुलिस को देने की अपील की।
इसके साथ ही छात्रों को डायल-112 आपातकालीन सेवा के उपयोग की जानकारी दी गई तथा बच्चों के अधिकारों और उनकी सुरक्षा से जुड़े पॉक्सो (POCSO) एक्ट के महत्वपूर्ण प्रावधानों से भी अवगत कराया गया। अधिकारियों ने बच्चों को किसी भी प्रकार के शोषण, उत्पीड़न या अपराध की स्थिति में बिना डर पुलिस और संबंधित अधिकारियों से संपर्क करने के लिए प्रेरित किया।
कार्यक्रम के दौरान विद्यालय के शिक्षकों के साथ भी विचार-विमर्श किया गया। शिक्षकों और पुलिस अधिकारियों ने संयुक्त रूप से नशा मुक्ति अभियान को जन-जन तक पहुंचाने तथा युवाओं को नशे की गिरफ्त से बचाने के लिए लगातार जागरूकता कार्यक्रम चलाने पर जोर दिया।
हजारीबाग पुलिस का यह अभियान समाज में जागरूकता फैलाने और युवाओं को सुरक्षित एवं सकारात्मक दिशा प्रदान करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है।