ब्रेकिंग
हजारीबाग में मोटरसाइकिल चोरी गिरोह का भंडाफोड़, 17 बाइक और एक टोटो बरामद; 7 आरोपी गिरफ्तार आदिवासी नर्स के मामले में 10 दिन बाद FIR, अभिषेक कुमार की पहल के बाद हुई कार्रवाई वार्ड 08-09 में करोड़ों की विकास योजनाओं को मिली रफ्तार, विधायक प्रदीप प्रसाद ने किया शिलान्यास विधायक प्रदीप प्रसाद की पहल लाई रंग, जर्जर ग्रामीण सड़कों के गड्ढे भरने का काम शुरू 24 घंटे बाद NDRF ने खोज निकाला टिंकू का शव, शिवानी नदी में बहने से हुई थी मौत हजारीबाग सदर अस्पताल में ट्रैफिक व्यवस्था बेपटरी, आधे घंटे तक जाम में फंसी एंबुलेंस हजारीबाग में छिनतई गिरोह का पर्दाफाश, 8 आरोपी गिरफ्तार; सोने के आभूषण और वारदात में प्रयुक्त बाइक बरामद बच्चों से भरी स्कूल बस सड़क से उतरी, बाउंड्री से टकराकर पलटने से बची
झारखंड ⚡ BREAKING

हजारीबाग में अवैध निर्माण पर प्रशासन का बड़ा वार, 7 दिन में कागजात नहीं तो कार्रवाई तय

Ravindr kumar rana 20 Aug 2026, 03:35 AM 101 views
हजारीबाग में अवैध निर्माण पर प्रशासन का बड़ा वार, 7 दिन में कागजात नहीं तो कार्रवाई तय
नक्शा, भूमि दस्तावेज, फायर सेफ्टी और पार्किंग का देना होगा हिसाब; 15 दिन में अतिक्रमण हटाने की भी तैयारी
हजारीबाग शहर में बेतरतीब निर्माण, अतिक्रमण और बिगड़ती यातायात व्यवस्था के खिलाफ जिला प्रशासन ने अब सख्त रुख अपना लिया है। नगर निगम क्षेत्र में चल रहे निर्माण कार्यों और नागरिक सुविधाओं की समीक्षा के दौरान उपायुक्त हेमंत सती ने स्पष्ट कर दिया कि नियमों की अनदेखी करने वाले भवन मालिकों को अब राहत नहीं मिलेगी। शहर के प्रतिष्ठानों, व्यावसायिक भवनों, बहुमंजिला इमारतों और निर्माणाधीन भवनों को अपने निर्माण से जुड़े जरूरी दस्तावेज सात दिनों के भीतर नगर निगम में जमा कराने होंगे। तय समय में कागजात उपलब्ध नहीं कराने पर संबंधित भवन की वैधता पर सवाल माना जाएगा और नियमों के तहत कार्रवाई की जाएगी। कागजात नहीं तो कार्रवाई की तैयारी प्रशासन ने भवन मालिकों से स्वीकृत नक्शा, भूमि प्रतिवेदन, अग्निशमन व्यवस्था से जुड़े दस्तावेज, पार्किंग की व्यवस्था और वाहनों के प्रवेश-निकास से संबंधित जानकारी मांगी है। उपायुक्त ने अधिकारियों को निर्देश दिया कि बिना स्वीकृत नक्शे के निर्माण, भवन उपविधि के उल्लंघन और नियमों के विपरीत किए जा रहे निर्माण की पहचान कर नियमानुसार कार्रवाई की जाए। खासकर बड़े और अनियमित भवनों पर विशेष निगरानी रखने को कहा गया है। अतिक्रमण पर भी 15 दिन में एक्शन प्लान हजारीबाग की प्रमुख सड़कों पर अतिक्रमण और सड़क किनारे बेतरतीब कब्जे को लेकर भी प्रशासन गंभीर नजर आया। उपायुक्त ने शहर की प्रमुख सड़कों को अतिक्रमण मुक्त कराने के लिए 15 दिनों के भीतर विस्तृत कार्ययोजना तैयार कर प्रस्ताव देने का निर्देश दिया है। इससे साफ है कि आने वाले दिनों में शहर के प्रमुख मार्गों पर अतिक्रमण के खिलाफ अभियान तेज हो सकता है। जलजमाव और नालियों की समस्या पर भी नजर बरसात के दौरान शहर में जलजमाव की समस्या को लेकर भी अधिकारियों से रिपोर्ट ली गई। प्रशासन ने जलजमाव वाले इलाकों को चिह्नित कर जल निकासी की प्रभावी व्यवस्था करने का निर्देश दिया। ऐसे स्थानों पर भी निगरानी रखने को कहा गया है जहां पर्याप्त ड्रेनेज व्यवस्था के बिना निर्माण किया जा रहा है। नियमों का उल्लंघन पाए जाने पर संबंधित लोगों के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी। पार्किंग और वेंडिंग जोन होंगे व्यवस्थित शहर में सड़क किनारे वाहनों की बेतरतीब पार्किंग से लगने वाले जाम को देखते हुए व्यवस्थित पार्किंग व्यवस्था विकसित करने पर जोर दिया गया। इसके साथ ही वेंडिंग जोन को भी व्यवस्थित करने की योजना पर अधिकारियों से अब तक की कार्रवाई और आगे की कार्ययोजना मांगी गई है। खराब स्ट्रीट लाइट और सफाई पर भी निर्देश बैठक में शहर की नालियों की नियमित सफाई, खराब स्ट्रीट लाइट को दुरुस्त करने और नागरिक सुविधाओं से जुड़ी समस्याओं के त्वरित समाधान का निर्देश दिया गया। उपायुक्त ने अधिकारियों को स्पष्ट किया कि सिर्फ कागजी रिपोर्ट नहीं, बल्कि समस्याओं का जमीन पर समाधान दिखाई देना चाहिए। शहरी स्वास्थ्य केंद्रों की भी हुई समीक्षा नगर क्षेत्र के आयुष्मान आरोग्य मंदिरों की स्थिति की भी समीक्षा की गई। डॉक्टरों, एएनएम, जीएनएम और मेडिकल ऑफिसर समेत मानव संसाधन की कमी को दूर करने के लिए रिक्त पदों पर विज्ञापन निकालकर नियुक्ति प्रक्रिया शुरू करने का निर्देश दिया गया। प्रशासन का उद्देश्य शहरी क्षेत्र के लोगों को स्थानीय स्तर पर बेहतर स्वास्थ्य सुविधा उपलब्ध कराना है। अधिकारियों को साफ संदेश—नियम तोड़ने वालों पर होगी कार्रवाई बैठक में उपायुक्त ने नगर निगम और संबंधित विभागों के अधिकारियों को आपसी समन्वय के साथ काम करने का निर्देश दिया। उन्होंने स्पष्ट किया कि अवैध निर्माण, अतिक्रमण और नियमविरुद्ध गतिविधियों को किसी भी स्थिति में नजरअंदाज नहीं किया जाएगा। अब नजर इस बात पर रहेगी कि सात दिनों की मोहलत खत्म होने के बाद नगर निगम दस्तावेज नहीं देने वाले भवन मालिकों पर किस तरह की कार्रवाई करता है और 15 दिन में तैयार होने वाली अतिक्रमण हटाने की कार्ययोजना जमीन पर कब उतरती है। बैठक में नगर आयुक्त ओम प्रकाश गुप्ता, उप नगर आयुक्त, सहायक नगर आयुक्त, सिटी मैनेजर, टाउन प्लानर सहित नगर निगम एवं संबंधित विभागों के अधिकारी मौजूद रहे।