झारखंड
⚡ BREAKING
गोली चली, शहर दहला... लेकिन 24 घंटे में कानून ने अपराधियों को घुटनों पर ला दिया।
हजारीबाग पुलिस की बड़ी सफलता, विक्की सोनी हत्याकांड का 24 घंटे में उद्भेदन
24 घंटे में विक्की सोनी हत्याकांड का खुलासा: दो शातिर अपराधी गिरफ्तार, लूट-हत्या के कई राज उगले
हजारीबाग। बरही थाना क्षेत्र के करसो पुल के समीप हुए चर्चित युवा व्यवसायी विक्की कुमार सोनी हत्याकांड का हजारीबाग पुलिस ने महज 24 घंटे के भीतर सफल खुलासा कर दिया है। त्वरित कार्रवाई, तकनीकी जांच और एसआईटी की रणनीतिक मेहनत के बल पर पुलिस ने दो आरोपियों को गिरफ्तार कर हत्या की गुत्थी सुलझा ली है। पूछताछ में दोनों आरोपियों ने न केवल इस सनसनीखेज हत्या में अपनी संलिप्तता स्वीकार की है, बल्कि पूर्व में हुई कई लूट और चोरी की घटनाओं में भी शामिल होने की बात कबूल की है।
कोडरमा जाने के दौरान हुई थी हत्या
जानकारी के अनुसार, 8 जून 2026 को हजारीबाग के ओकनी निवासी युवा व्यवसायी विक्की कुमार सोनी अपने एक मित्र के साथ कार से कोडरमा जा रहे थे। इसी दौरान बरही थाना क्षेत्र अंतर्गत करसो पुल के समीप अज्ञात अपराधियों ने उन्हें गोली मार दी, जिससे घटनास्थल पर ही उनकी मौत हो गई। दिनदहाड़े हुई इस वारदात से पूरे इलाके में सनसनी फैल गई थी और व्यापारियों सहित आम लोगों में आक्रोश का माहौल बन गया था।
एसपी के निर्देश पर बनी एसआईटी
घटना की गंभीरता को देखते हुए हजारीबाग पुलिस अधीक्षक के निर्देश पर तत्काल एक विशेष जांच दल (SIT) का गठन किया गया। टीम ने घटनास्थल से मिले साक्ष्यों, सीसीटीवी फुटेज, मोबाइल लोकेशन, तकनीकी विश्लेषण और अन्य वैज्ञानिक जांच के आधार पर तेजी से कार्रवाई शुरू की।
लगातार छापेमारी और तकनीकी अनुसंधान के बाद पुलिस ने बिहार के नवादा जिला अंतर्गत नारदीगंज निवासी विक्रम कुमार साव (25 वर्ष) तथा गया जिले के वजीरगंज थाना क्षेत्र के चंदा खुर्द निवासी दिलीप कुमार (25 वर्ष) को गिरफ्तार कर लिया।
पूछताछ में उगले कई राज
गिरफ्तारी के बाद हुई गहन पूछताछ में दोनों आरोपियों ने विक्की सोनी की हत्या में अपनी संलिप्तता स्वीकार कर ली। पुलिस के अनुसार, दोनों का आपराधिक इतिहास भी सामने आया है। आरोपियों ने पूर्व में हुई कई लूट, चोरी और अन्य आपराधिक घटनाओं में अपनी भागीदारी स्वीकार की है, जिससे पुलिस को कई पुराने मामलों के खुलासे की भी उम्मीद जगी है।
कार और मोबाइल फोन बरामद
पुलिस ने आरोपियों के कब्जे से घटना से जुड़े महत्वपूर्ण साक्ष्य बरामद किए हैं। इनमें मृतक द्वारा उपयोग की जा रही ग्रे रंग की हुंडई कार (संख्या JH02AE-0232) तथा दो मोबाइल फोन शामिल हैं। बरामद सामानों की जांच की जा रही है, जिससे मामले के अन्य पहलुओं का भी खुलासा हो सकता है।
पुलिस टीम की सराहनीय भूमिका
इस महत्वपूर्ण सफलता में बरही अनुमंडल पुलिस पदाधिकारी राधाप्रेम किशोर, बरही थाना प्रभारी विनोद कुमार, पुलिस अवर निरीक्षक शमशेर बहादुर सिंह, राजबल्लभ यादव, राजेश भोक्ता, तकनीकी शाखा हजारीबाग तथा बरही थाना के सशस्त्र बल की महत्वपूर्ण भूमिका रही।
जांच अभी जारी
पुलिस का कहना है कि हत्या के पीछे के पूरे नेटवर्क, संभावित सहयोगियों और अपराध के वास्तविक उद्देश्य की भी जांच की जा रही है। मामले में आगे और गिरफ्तारियां होने की संभावना से इंकार नहीं किया गया है।
हजारीबाग पुलिस की इस त्वरित कार्रवाई ने एक बार फिर साबित कर दिया है कि आधुनिक तकनीक, सटीक रणनीति और तत्पर पुलिसिंग के बल पर गंभीर अपराधों का भी कम समय में सफल उद्भेदन संभव है।