ब्रेकिंग
मत्स्य विभाग परिसर में मिला लहूलुहान अज्ञात शव, हजारीबाग में सनसनी; हत्या या हादसा, जांच में जुटी पुलिस महीने की शादी, 4 साल का प्रेम! चचेरे भाई के साथ जाने की कोशिश पर गांव में मचा हड़कंप सरकारी जमीन पर गरजा बुलडोजर, कटकमदाग प्रशासन की बड़ी कार्रवाई; भू-माफियाओं में मचा हड़कंप दाखिल-खारिज में लापरवाही पड़ी भारी, चंदवारा CO पर ₹75 हजार का जुर्माना मैथन से लौट रही चलकुसा थाना पुलिस की बोलेरो ट्रेलर से टकराई, जवान राम लखन यादव की मौत; तीन पुलिसकर्मी गंभीर सड़क हादसे पर बड़ा फैसला! ₹1.5 लाख तक कैशलेस इलाज इलाज पहले... बिल बाद में! हजारीबाग में 'मौत की सुरंग' से अवैध कोयले का खेल! संकरी सुरंगों से जान जोखिम में डालकर निकल रहे ट्रैक्टर, वायरल वीडियो ने उठाए कई गंभीर सवाल हिमांशु हत्याकांड पर सरकार का बड़ा एक्शन, जमशेदपुर SSP और सरायकेला SP हटाए गए
झारखंड ⚡ BREAKING

छड़वा मोहर्रम मेला बना गंगा-जमुनी तहज़ीब की मिसाल, लाखों की भीड़ के बीच भाईचारे और सौहार्द का दिखा अद्भुत नज़ारा

Ravindr kumar rana 26 Jun 2026, 02:42 PM 34 views
छड़वा मोहर्रम मेला बना गंगा-जमुनी तहज़ीब की मिसाल, लाखों की भीड़ के बीच भाईचारे और सौहार्द का दिखा अद्भुत नज़ारा
दोनों समुदायों ने मिलकर मनाया मोहर्रम का मेला, जिला प्रशासन की कड़ी निगरानी में शांतिपूर्ण और भव्य आयोजन संपन्न
हजारीबाग जिले के छड़वा में आयोजित मोहर्रम मेला इस वर्ष गंगा-जमुनी तहज़ीब, आपसी भाईचारे और सामाजिक सौहार्द की शानदार मिसाल बनकर सामने आया। मेले में लाखों की संख्या में दोनों समुदायों के लोग एकत्रित हुए और पूरे उत्साह के साथ मेले का आनंद लिया। हर ओर उत्सव का माहौल, पारंपरिक अखाड़ों के करतब, धार्मिक आस्था और आपसी प्रेम का अनूठा संगम देखने को मिला। मेले के दौरान सुरक्षा व्यवस्था को लेकर जिला प्रशासन पूरी तरह मुस्तैद नजर आया। पूरे आयोजन पर वरिष्ठ अधिकारियों की पैनी नजर बनी रही। उपायुक्त (DC), पुलिस अधीक्षक (SP), अनुमंडल पदाधिकारी (SDO), अनुमंडल पुलिस पदाधिकारी (SDPO) सहित कई प्रशासनिक एवं पुलिस अधिकारी मंच पर मौजूद रहे और लगातार पूरे आयोजन की निगरानी करते रहे। संवेदनशील आयोजन को देखते हुए पूरे मेला क्षेत्र में व्यापक सुरक्षा व्यवस्था की गई थी। पुलिस बल, दंडाधिकारी और प्रशासनिक अधिकारी लगातार भ्रमण कर स्थिति पर नजर बनाए हुए थे। प्रशासन की सतर्कता और स्थानीय लोगों के सहयोग से पूरा आयोजन शांतिपूर्ण, व्यवस्थित और सौहार्दपूर्ण माहौल में संपन्न हुआ। मेले में पहुंचे लोगों ने विभिन्न झूलों, दुकानों और सांस्कृतिक गतिविधियों का भरपूर आनंद लिया। बच्चों से लेकर बुजुर्गों तक में उत्साह देखने को मिला। दोनों समुदायों के लोगों ने एक-दूसरे को सहयोग करते हुए यह संदेश दिया कि हजारीबाग की पहचान केवल धार्मिक आयोजनों से नहीं, बल्कि आपसी प्रेम, विश्वास और भाईचारे से भी है। छड़वा का यह मोहर्रम मेला एक बार फिर यह साबित कर गया कि जब समाज और प्रशासन साथ मिलकर कार्य करते हैं, तो बड़े से बड़ा आयोजन भी पूरी शांति, सुरक्षा और सौहार्द के साथ सफलतापूर्वक संपन्न कराया जा सकता है। यह आयोजन जिले की सामाजिक एकता और सांप्रदायिक सद्भाव का जीवंत उदाहरण बनकर उभरा।